Duryodhana-patana-anuśocana
The Fall of Duryodhana and the Contest of Restraint
अबुद्धयद् भीमसेनस्तु राज्ञस्तस्य चिकीर्षितम् । अथास्य समभिद्रुत्य समुत्क्तुश्य च सिंहवत्,भीमसेन समझ गये कि राजा दुर्योधन क्या करना चाहता है। अतः पैंतरेसे छलने और ऊपर उछलनेकी इच्छावाले दुर्योधनके ऊपर आक्रमण करके भीमसेनने सिंहके समान गर्जना की और उसकी जाँघोंपर बड़े वेगसे गदा चलायी
abuddhayad bhīmasenas tu rājñas tasya cikīrṣitam | athāsya samabhidrutya samutkruśya ca siṁhavat bhīmaseno gadayā jaghāne jānunī (jāṅghayoḥ) mahāvegena ||
अबुद्धयद् भीमसेनस्तु राज्ञस्तस्य चिकीर्षितम्। अथास्य समभिद्रुत्य समुत्क्रुश्य च सिंहवत्॥
वायुदेव उवाच