याज्ञसेनी-प्रश्नः
Draupadī’s Question in the Assembly
वृक्षानज्रारकारीव मैनान् धाक्षी: समूलकान् | मा गम: ससुतामात्य: सबलश्न यमक्षयम्,जैसे कोयला बनानेवाला वृक्षोंको जलाकर भस्म कर देता है, उसी प्रकार आप इन्हें जड़मूलसहित जलानेकी चेष्टा न कीजिये। कहीं ऐसा न हो कि पाण्डवोंके साथ विरोध करनेके कारण आपको पुत्र, मन्त्री और सेनाके साथ यमलोकमें जाना पड़े
vṛkṣān aṅgārakārīva mainān dhākṣīḥ samūlakān | mā gamaḥ sasutāmātyaḥ sabalaś ca yamākṣayam ||
वृक्षानङ्गारकारीव मैनान् धाक्षीः समूलकान् । मा गमः ससुतामात्यः सबलश्च यमक्षयम् ॥
विदुर उवाच