Nāradasya Rājadharma-praśnāḥ
Nārada’s Examination of Royal Ethics
दुष्टो गृहीतस्तत्कारी तज्ज्ैर्दृष्ट: सकारण: । कच्चिन्न मुच्यते स्तेनो द्रव्यलोभान्नरर्षभ,नरश्रेष्ठ) कोई ऐसा दुष्ट चोर जो चोरी करते समय गृहरक्षकोंद्वारा देख लिया गया और चोरीके मालसहित पकड़ लिया गया हो, धनके लोभसे छोड़ तो नहीं दिया जाता?
duṣṭo gṛhītastatkārī tajjñair dṛṣṭaḥ sakāraṇaḥ | kaccin na mucyate steno dravyalobhān naraṛṣabha ||
दुष्टो गृहीतस्तत्कारी तज्ज्ञैर्दृष्टः सकारणः । कच्चिन्न मुच्यते स्तेनो द्रव्यलोभान्नरर्षभ ॥
नारद उवाच