Pitāmaha-sabhā-varṇana & Hariścandra-māhātmya
Description of Brahmā’s Assembly and the Eminence of Hariścandra
न वेद परिमाणं वा संस्थान चापि भारत | न च रूपं मया तादूृग् दृष्टपूर्व कदाचन,भारत! उसकी लंबाई-चौड़ाई कितनी है अथवा उसकी स्थिति कया है, यह सब मैं कुछ नहीं जानता। मैंने किसी भी सभाका वैसा स्वरूप पहले कभी नहीं देखा था
na veda parimāṇaṃ vā saṃsthānaṃ cāpi bhārata | na ca rūpaṃ mayā tādṛg dṛṣṭapūrvaṃ kadācana ||
न वेद परिमाणं वा संस्थानं चापि भारत । न च रूपं मया तादृग् दृष्टपूर्वं कदाचन ॥
नारद उवाच