संजय उवाच एवमुक्तस्तदा कर्णो वासुदेवेन भारत । लज्जयावनतो भूत्वा नोत्तरं किज्चिदुक्तवान्,संजय कहते हैं--भारत! उस समय भगवान् श्रीकृष्णके ऐसा कहनेपर कर्णने लज्जासे अपना सिर झुका लिया, उससे कुछ भी उत्तर देते नहीं बना
sañjaya uvāca evam uktas tadā karṇo vāsudevena bhārata | lajjayāvanato bhūtvā nottaraṃ kiñcid uktavān ||
सञ्जय उवाच— एवमुक्तस्तदा कर्णो वासुदेवेन भारत। लज्जयावनतो भूत्वा नोत्तरं किञ्चिदुक्तवान्॥
संजय उवाच