इससे वहाँ समस्त योद्धाओंके वस्त्र जलने लगे। कपड़े जल जानेसे वे सब-के-सब वहाँसे भाग चले। जैसे जंगलके बीच बाँसके वनमें आग लगनेपर जोर-जोरसे चटकनेकी आवाज होती है, उसी प्रकार आगकी लपटमें झुलसते हुए सैनिकोंका अत्यन्त भयंकर आर्तनाद होने लगा ।। तद् वीक्ष्य कर्णो ज्वलनास्त्रमुद्यतं स वारुणं तत्प्रशमार्थमाहवे । समुत्सूजन् सूतसुतः प्रतापवान् स तेन वल्लिं शमयाम्बभूव
tad vīkṣya karṇo jvalanāstram udyataṃ sa vāruṇaṃ tatpraśamārtham āhave | samutsṛjan sūtasutaḥ pratāpavān sa tena valliṃ śamayāmbabhūva ||
तद् वीक्ष्य कर्णो ज्वलनास्त्रमुद्यतं स वारुणं तत्प्रशमार्थमाहवे। समुत्सृजन् सूतसुतः प्रतापवान् स तेन वह्निं शमयाम्बभूव॥
संजय उवाच