रथचिह्नवर्णनम् / Description of Chariot Standards and Allied Advances
एष भीमो महाक्रोधी हीन: पाण्डवसृञ्जयै: । मदीयैरावृतो योधै: कर्ण नन्दयतीव माम्,यह महाक्रोधी भीमसेन पाण्डव तथा सूंजयोंसे रहित हो मेरे योद्धाओंसे घिर गया है। कर्ण! इस अवस्थामें भीमसेन मुझे आनन्दित-सा कर रहा है
eṣa bhīmo mahākrodhī hīnaḥ pāṇḍavasṛñjayaiḥ | madīyair āvṛto yodhaiḥ karṇa nandayatīva mām ||
एष भीमो महाक्रोधी हीनः पाण्डवसृञ्जयैः । मदीयैरावृतो योधैः कर्ण नन्दयतीव माम् ॥
दुर्योधन उवाच