तामापतन्तीं सहसा शरश्रेणीं जिघांसया । चिच्छेद बहुधा राजा तत उच्चुक्रुशुर्जना:,वधके लिये अपने ऊपर सहसा आती हुई उन बाण पंक्तियोंके राजा दुर्योधनने अनेक टुकड़े कर डाले; इससे सब लोग हर्षध्वनि करने लगे
tām āpatantīṃ sahasā śaraśreṇīṃ jighāṃsayā | ciccheda bahudhā rājā tata uccukruśur janāḥ ||
तामापतन्तीं सहसा शरश्रेणीं जिघांसया। चिच्छेद बहुधा राजा तत उच्चुक्रुशुर्जनाः॥
संजय उवाच