Adhyāya 143: Nocturnal duels—Nākuli and Citraseṇa; Vṛṣasena’s assault; Duḥśāsana vs Prativindhya
गोष्पदं प्राप्प सीदेत महौजा: शिनिपुड्भव: । “क्या इन दोनोंके इस संघर्षमें इस समय सात्यकि सकुशल विजयी हो सकेंगे? कहीं ऐसा तो नहीं होगा कि सत्यपराक्रमी शिनिप्रवर महाबली सात्यकि समुद्रको पार करके गायकी खुरीके बराबर जलमें डूबने लगे || ३३ $ || अपि कौरवमुख्येन कृतास्त्रेण महात्मना
गोष्पदं प्राप्य सीदेत महौजाः शिनिपुङ्गवः ।
संजय उवाच