द्रोणेन केकय-चेदि-वीरवधः
Droṇa’s engagements with the Kekayas and Cedis
शरार्दिताश्च ग्लानाश्न हया दूरे च सैन्धव: । किमिहानन्तरं कार्य ज्यायिष्ठं तव रोचते,'मेरे घोड़े बाणोंसे पीड़ित हो बहुत थक गये हैं और सिन्धुराज जयद्रथ अभी बहुत दूर है। अतः इस समय यहाँ कौन-सा कार्य आपको श्रेष्ठ जान पड़ता है
saar01rdit01b ca gl01n01b ca hay01 d6bre ca saindhava | kim ih01nantara k01rya jy01yiha tava rocate ||
सञ्जय उवाच—शरार्दिताश्च ग्लानाश्च हया दूरे च सैन्धवः। किमिहानन्तरं कार्यं ज्यायिष्ठं तव रोचते॥
संजय उवाच