भीष्मधनंजयद्वैरथम्
Bhīṣma–Dhanaṃjaya Duel and the Opening Clash
गाड़ेयशरनुन्नानि प्रापतन्त महीतले । इसी प्रकार अर्जुनके छोड़े हुए बाणसमूह गंगानन्दन भीष्मके बाणोंसे छिन्न-भिन्न हो पृथ्वीपर सब ओर पड़े हुए थे
gāḍeyaśaranunnāni prāpatanta mahītale |
गाङ्गेयशरनुन्नानि प्रापतन्त महीतले । एवं अर्जुनमुक्ता बाणवृष्टिः भीष्मशरैश्छिन्नभिन्ना सर्वतो भूमौ निपेतुः ।
संजय उवाच