आरोग्यबलसम्पन्नो जीवेद् वर्षशतं तथा । एतदू् दृष्टं प्रसादात् तु मया व्यासस्य धीमत:,इतना ही नहीं, इसका पाठ करनेवाला पुरुष आरोग्य और बलसे सम्पन्न हो सौ वर्षोकी आयुतक जीवित रहता है। यह सब परम बुद्धिमान् भगवान् व्यासजीके कृपा-प्रसादसे मैंने प्रत्यक्ष देखा है
आरोग्यबलसम्पन्नो जीवेद् वर्षशतं तथा। एतद् दृष्टं प्रसादात् तु मया व्यासस्य धीमतः॥
संजय उवाच