Bhīṣma-parva Adhyāya 16 — Saṃjaya’s Boon, Bhīṣma’s Protection, and the Dawn Arraying of Armies
उद्यतैरायुधैक्षित्रास्तलबद्धा: कलापिन: । ऋषभाक्षा मनुष्येन्द्रा श्रमूमुखगता बभु:,उनके हथियार उठे हुए थे। वे हाथमें दस्ताने और पीठपर तरकश बाँधे सेनाके मुहानेपर खड़े हुए भूपालगण अद्भुत शोभा पा रहे थे। उनकी आँखें बैलोंकी आँखोंके समान बड़ी- बड़ी दिखायी दे रही थीं
उद्यतैरायुधैः क्षित्रास्तलबद्धाः कलापिनः । ऋषभाक्षा मनुष्येन्द्राः श्रमूमुखगता बभुः ॥
संजय उवाच