सैन्यसंनिवेशः (Sainyasaṃniveśaḥ) — Deployment, Omens, and Yuddha-Dharma Conventions
रथी च रथिना योध्यो गजेन गजधूर्गत: । अश्वेनाश्वी पदातिश्न पादातेनैव भारत,जो वाग्युद्धमें प्रवृत्त हों उनके साथ वाणीद्वारा ही युद्ध किया जाय। जो सेनासे बाहर निकल गये हों उनका वध कदापि न किया जाय। भारत! रथीको रथीसे ही युद्ध करना चाहिये, इसी प्रकार हाथीसवारके साथ हाथीसवार, घुड़सवारके साथ घुड़सवार तथा पैदलके साथ पैदल ही युद्ध करे
rathī ca rathinā yodhyo gajena gajadhūr-gataḥ | aśvenāśvī padātiś ca padātenaiva bhārata ||
रथी च रथिना योध्यो गजेन गजधूर्गतः । अश्वेनाश्वी पदातिश्च पादातेनैव भारत ॥
वैशग्पायन उवाच