राजपूजाविधानम् / Royal Reception Protocols during Āśvamedha Preparations
धनं चास्मै ददुर्भूरि प्रीयमाणा महारथा: । उन सब लोगोंने प्रेमवश उसे छातीसे लगा लिया और उसका यथोचित सत्कार किया। इतना ही नहीं, बश्रुवाहनपर प्रसन्न हुए उन पाण्डव महारथियोंने उसे बहुत धन दिया ।। ७३६ || तथैव च महीपाल: कृष्णं चक्रगदाधरम्
dhanaṃ cāsmai dadur bhūri prīyamāṇā mahārathāḥ |
धनं चास्मै ददुर्भूरि प्रीयमाणा महारथाः । तथैव च महीपालः कृष्णं चक्रगदाधरम् ॥
वैशम्पायन उवाच