Abhimanyu’s Śrāddha; Vyāsa’s Assurance of the Unborn Heir (अभिमन्योः श्राद्धं तथा गर्भरक्षणोपदेशः)
ननु त्वं पुण्डरीकाक्ष सत्यवाग भुवि विश्रुत:,“बेटा कमलनयन! तुम तो इस भूतलपर सत्यवादीके रूपमें प्रसिद्ध हो। शत्रुसूदन! फिर क्या कारण है कि आज तुम मुझे मेरे नातीके मारे जानेका समाचार नहीं बता रहे हो। प्रभो! अपने भानजेके वधका वृत्तान्त तुम मुझे ठीक-ठीक बताओ
ननु त्वं पुण्डरीकाक्ष सत्यवाग् भुवि विश्रुतः ।
वैशम्पायन उवाच