धृतराष्ट्रस्य युधिष्ठिरं प्रति व्यवहार-रक्षा-नियमनोपदेशः | Dhṛtarāṣṭra’s Instruction on Administration, Punishment, and Daily Governance
अर्हस्त्वमपि दातुं वै नादातुं भरतर्षभ । “आप अपने बड़े भाई ऐश्वर्यशशाली महाराज युधिष्छिरके बर्तावसे शिक्षा ग्रहण करें। भरतश्रेष्ठ] आप भी दूसरोंको देनेके ही योग्य हैं; दूसरोंसे लेनेके योग्य नहीं! ।।
अर्हस्त्वमपि दातुं वै नादातुं भरतर्षभ। एवं ब्रुवाणं बीभत्सुं धर्मराजोऽप्यपूजयत्॥
वैशम्पायन उवाच