गोप्रदानगुणाः तथा कपिलागोविधानम्
Merits of Cow-Gift and the Origin-Account of Kapilā Cows
अन्तर्ज्ाता: सक्रयज्ञानलब्धा: प्राणै: क्रीतास्तेजसा यौतकाश्न । कृच्छोत्सृष्टा: पोषणाभ्यागताश्न द्वारैरेतैगोविशेषा: प्रशस्ता:,गर्भिणी, खरीदकर लायी हुई, ज्ञान या विद्याके बलसे प्राप्त की हुई, दूसरे प्राणियोंके बदलेमें लायी हुई अथवा युद्धमें पराक्रम प्रकट करके प्राप्त की हुई, दहेजमें मिली हुई, पालनमें कष्ट समझकर स्वामीके द्वारा परित्यक्त हुई तथा पालन-पोषणके लिये अपने पास आयी हुई विशिष्ट गौएँ इन उपर्युक्त कारणोंसे ही दानके लिये प्रशंसनीय मानी गयी हैं
antarjātāḥ sakrayajñānalabdhāḥ prāṇaiḥ krītās tejasā yautakāś ca | kṛcchrotsṛṣṭāḥ poṣaṇābhyāgatāś ca dvārair etair goviseṣāḥ praśastāḥ ||
भीष्म उवाच—अन्तर्जाताः क्रयलभ्याः क्रतुज्ञानलब्धाः प्राणैः क्रीताः तेजसा यौतकप्राप्ताः। कृच्छ्रोत्सृष्टाः पोषणाभ्यागताश्च—एतैर्द्वारैर्गोविशेषाः प्रशस्ताः।
पितामह उवाच