कृतयत्नाफलाश्रैव दृश्यन्ते शतशो नरा: । अयत्नेनैधमानाश्र दृश्यन्ते बहवो जना:,ऐसे सैकड़ों मनुष्य देखे जाते हैं, जो धनकी प्राप्तिके लिये यत्न करनेपर भी सफल न हो सके और बहुत-से ऐसे मनुष्य भी दृष्टिगोचर होते हैं, जिनका धन बिना यत्नके ही दिनों- दिन बढ़ रहा है
yudhiṣṭhira uvāca | kṛtayatnāphalāś caiva dṛśyante śataśo narāḥ | ayatnenaiva dhanaṃ yeṣāṃ dṛśyante bahavo janāḥ ||
कृतयत्नाफलाश्चैव दृश्यन्ते शतशो नराः। अयत्नेनैव धानाश्च दृश्यन्ते बहवो जनाः॥
युधिछिर उवाच