Previous Verse
Next Verse

Shloka 51

कल्मषापहर-कीर्तनम् / Kīrtana for the Removal of Impurity

जो परायी स्त्रियोंके प्रति सदा दोषभरी दृष्टि डालते हैं, उस दुष्ट स्वभावके कारण वे जन्मान्ध होते हैं ।।

मनसा तु प्रदुष्टेन नग्नां पश्यन्ति ये स्त्रियम् । रोगार्तास्ते भवन्तीह नरा दुष्कृतकर्मिणः ॥

श्रीमहेश्वर उवाच