दधीच्यास्थिवज्रनिर्माणोपाख्यानम् | The Forging of the Vajra from Dadhīca’s Bones
लोगश उवाच तत आयवब्ययौ पूर्ण ताभ्यां राजा न्यवेदयत् । अतो ज्ञात्वा तु गृह्नीतं यदत्र व्यतिरिच्यते,लोमशजी कहते हैं--युधिष्ठिर! तब राजा ब्रध्नश्वने भी उन दोनोंके सामने आय और व्ययका पूरा विवरण रख दिया और कहा--“आप दोनोंको इसमें जो धन अधिक जान पड़ता हो, वह ले लें!
Ломаша сказал: «О Юдхиштхира! Тогда царь Брадхнашва явился перед ними обоими и полностью изложил счёт доходов и расходов, а затем сказал: “Если в этом вы увидите какое-либо излишнее богатство, возьмите его.”»
लोगश उवाच