Adhyāya 76: Kuṇḍina-praveśaḥ, Bhīmena satkāraḥ, Ṛtuparṇa-kṣamā, Aśvahṛdaya-pratyarpanam
Nala’s Reception and Reconciliation
एते देवास्त्रय: कृत्स्नं त्रैलोक्यं धारयन्ति वै । विल्लुवन्तु यथा सत्यमेतद् देवास्त्यजन्तु माम्,ये पूर्वोक्त तीन देवता सम्पूर्ण त्रिलोकीको धारण करते हैं। मेरे कथनमें कितनी सचाई है, इसे देवतालोग स्वयं स्पष्ट करें। यदि मैं झूठ बोलती हूँ तो देवता मेरा त्याग कर दें
«Эти три божества воистину держат на себе всю Трилоку. Пусть сами боги явят, сколько истины в моих словах. Если же я лгу — пусть боги отвергнут меня».
बृहदश्चव उवाच