वृष्णीनां च कुले जाता शूरस्य दयिता सुता । दत्ता प्रीतिमता महां पित्रा बाला पुरा स्वयम्,वृष्णिवंशमें तुम्हारा जन्म हुआ है। तुम शूरसेनकी प्यारी पुत्री हो। पूर्वकालमें स्वयं तुम्हारे पिताने बाल्यावस्थामें ही बड़ी प्रसन्नताके साथ तुम्हें मेरे हाथों सौंपा था
«Ты рождена в роду Вришни; ты — любимая дочь Шуры. В прежние времена твой отец сам, когда ты была ещё ребёнком, с великой радостью передал тебя в мои руки.»
वैशम्पायन उवाच