अरण्यकपर्व — मार्कण्डेयकथिते रामविजयः, सीताशुद्धिः, अयोध्याप्रत्यागमनवर्णनम्
Rāma’s victory, Sītā’s vindication, and return to Ayodhyā as told by Mārkaṇḍeya
मार्कण्डेय उवाच अजो नामाभवद् राजा महानिक्ष्वाकुवंशज: । तस्य पुत्रो दशरथ: शश्रृत्स्वाध्यायवाउछुचि:,मार्कण्डेयजीने कहा--राजन्! इक्ष्वाकुवंशमें अज नामसे प्रसिद्ध एक महान् राजा हो गये हैं। उनके पुत्र थे दशरथ, जो सदा स्वाध्यायमें संलग्न रहनेवाले और पवित्र थे
Маркандейя сказал: «О царь! В роду Икшваку был великий государь, прославленный именем Аджа. Его сыном был Дашаратха — всегда преданный свādхьяйе (священному изучению) и чистый.»
मार्कण्डेय उवाच