वनप्रस्थानम् (Departure for the Forest) — Āraṇyaka-parva, Adhyāya 24
तमालतालाम्रमधूकनीप- कदम्बसर्जार्जुनकर्णिकारै: । तपात्यये पुष्पधथरैरुपेतं महावनं राष्ट्रपतिर्ददर्श,राष्ट्रपति युधिष्ठिरने देखा, वह महान् वन तमाल, ताल, आम, महुआ, नीप, कदम्ब, साल, अर्जुन और कनेर आदि वृक्षोंसे, जो ग्रीष्म-ऋतु बीतनेपर फ़ूल धारण करते हैं, सम्पन्न है
Царь Юдхиштхира увидел великий лес, богатый тамалами, пальмами тала, манговыми деревьями, мадхуками, нипами, кадамбами, салами, арджунами и карникарами и прочими; когда зной лета спадал, они покрывались цветами.
वैशम्पायन उवाच