Pradyumna–Śālva Missile-Exchange at Saubha (Āraṇyaka Parva, Adhyāya 18)
प्रद्युम्नोडयमुपायाति भीतस्त्यक्त्वा महाहवम् । धिगेनमिति वक्ष्यन्ति न तु वक्ष्यन्ति साथ्विति,“सब लोग यही कहेंगे--“यह प्रद्युम्म भयभीत हो महान् संग्राम छोड़कर भागा आ रहा है; इसे धिक््कार है।” उस अवस्थामें किसीके मुखसे मेरे लिये अच्छे शब्द नहीं निकलेंगे
Ваю сказал: «Прадьюмна возвращается в страхе, оставив великое сражение. Скажут: “Позор ему!”, а не скажут: “Хорошо!”»
वायुदेव उवाच