मान्धातृ-जन्म-चरितम्
The Birth and Career Account of Māndhātṛ
हम () अऑणआ आह षड्विशरत्याधेकशततमो< ध्याय: राजा मान्धाताकी उत्पत्ति और संक्षिप्त चरित्र युधिछिर उवाच मान्धाता राजशार्दूलस्त्रिषु लोकेषु विश्लुत: । कथं जातो महाब्रद्यन् यौवनाश्वो नृपोत्तम:,युधिष्ठिरने पूछा-ब्राह्मणश्रेष्ठ! युवनाश्वके पुत्र नृपश्रेष्ठ मान्धाता तीनों लोकोंमें विख्यात थे। उनकी उत्पत्ति किस प्रकार हुई थी?
yudhiṣṭhira uvāca |
mandhātā rājaśārdūlas triṣu lokeṣu viśrutaḥ |
kathaṁ jāto mahābrāhman yauvanāśvo nṛpottamaḥ ||
Юдхиштхира сказал: «О великий брахман, Мандхатри — тигр среди царей — был прославлен в трёх мирах. Как родился тот первейший владыка, сын царя Юванашвы?»
युधिछिर उवाच