Sātyaki’s Call for Intervention and Yudhiṣṭhira’s Vow-Bound Restraint (सात्यकिवाक्यं—धर्मराजस्य धैर्यनिश्चयः)
यदैव काल पुरुषप्रवीरो वेत्स्यत्ययं माधव विक्रमस्य । तदा रणे त्वं च शिनिप्रवीर सुयोधनं जेष्यसि केशवश्व,शिनिवंशके प्रधान वीर माधव! ये पुरुषरत्न श्रीकृष्ण जभी पराक्रम दिखानेका अवसर आया समझेंगे, तभी तुम और भगवान् केशव मिलकर युद्धमें दुर्योधनको जीत सकोगे
«О Мадхава, первейший герой рода Шини! Когда Кришна, лучший из мужей, узнает, что настал час явить доблесть, тогда на поле брани ты и Кешава вместе одолеете Суйодхану (Дурьодхану)».
युधिछिर उवाच