Kirmīra-rākṣasa-saṃgamaḥ (Encounter and Slaying of Kirmīra) | किर्मीरेण सह भीमसेनसमागमः
तज्जीर्णमविकारेण सहान्नेन जनार्दन । सशेषत्वान्महाबाहो भीमस्य पुरुषोत्तम,महाबाहु नरश्रेष्ठ जनार्दन! भीमसेनकी आयु शेष थी, इसीलिये वह घातक विष अन्नके साथ ही पच गया और उसने कोई विकार नहीं उत्पन्न किया (इस प्रकार उस दुर्योधनके अत्याचारोंको कहाँतक गिनाया जाय)
О Джанардана, могучерукий! Поскольку срок жизни Бхимы ещё не иссяк, тот смертоносный яд переварился вместе с пищей без всякого вредного изменения и не вызвал никакого недуга.
वैशम्पायन उवाच