द्रुपदवाक्यं
Drupada’s Counsel on Conciliation and Alliance Mobilization
गर्दभे मार्दवं कुर्याद् गोषु तीक्ष्णं समाचरेत् । मृदु दुर्योधने वाक्य यो ब्रूयात् पापचेतसि,जो पापात्मा दुर्योधनके प्रति मृदु वचन बोलेगा, वह मानो गदहेके प्रति कोमलतापूर्ण व्यवहार करेगा और गायोंके प्रति कठोर बर्ताव
gardabhe mārdavaṁ kuryād goṣu tīkṣṇaṁ samācaret | mṛdu duryodhane vākyaṁ yo brūyāt pāpacetasi ||
Друпада сказал: «Кто говорит мягко с Дурьодханой, чьё сердце во грехе, тот словно ласкает осла и суров к коровам».
दुपद उवाच