कुरुक्षेत्रे सेनानिवेशवृत्तान्तः — Dhṛtarāṣṭra Questions Saṃjaya on the Deployed Armies
पाण्डवा हि यथास्माकं तथा दुर्योधनो नृप: । तस्यापि क्रियतां साहां स पर्येति पुन: पुन:,“मैंने एकान्तमें श्रीकृष्णसे बार-बार कहा था कि मधुसूदन! अपने सभी सम्बन्धियोंके प्रति एक-सा बर्ताव करो; क्योंकि हमारे लिये जैसे पाण्डव हैं, वैसा ही राजा दुर्योधन है। उसकी भी सहायता करो। वह बार-बार अपने यहाँ चक्कर लगाता है
pāṇḍavā hi yathāsmākaṃ tathā duryodhano nṛpaḥ | tasyāpi kriyatāṃ sāhā sa paryeti punaḥ punaḥ |
Вайшампаяна сказал: «Для нас Пандавы так же дороги, как и царь Дурьодхана. Потому и ему следует оказать помощь. Он приходит вновь и вновь, ища поддержки.»
वैशम्पायन उवाच