Udyoga Parva Adhyāya 103: Garuḍa’s Protest, Viṣṇu’s Demonstration, and Counsel Toward Śama
विष्णुरुवाच ईशस्त्वं सर्वलोकानां चराणामचराश्ष ये । त्वया दत्तमदत्तं कः कर्तुमुत्सहते विभो,भगवान् विष्णु बोले--प्रभो! तुम सम्पूर्ण जगत्में जितने भी चराचर प्राणी हैं, उन सबके ईश्वर हो। तुम्हारी दी हुई आयुको बिना दी हुई करने (मिटाने)-का साहस कौन कर सकता है?
Вишну сказал: «О могучий владыка! Ты — повелитель всех существ в мире, движущихся и неподвижных. Кто, о великий, осмелится обратить в ничто срок жизни, дарованный тобой, словно он и не был дарован?»
वैशम्पायन उवाच