दीर्घदर्शी–दीर्घसूत्र–संप्रतिपत्तिमान् आख्यानम्
The Parable of Foresight, Procrastination, and Presence of Mind
अतिथर्माद् बल॑ मन्ये बलादू धर्म: प्रवर्तते । बले प्रतिष्ठितो धर्मों धरण्यामिव जड़मम्,मैं धर्मसे भी बलको ही अधिक श्रेष्ठ मानता हूँ; क्योंकि बलसे धर्मकी प्रवृत्ति होती है। जैसे चलने-फिरनेवाले सभी प्राणी पृथ्वीपर ही स्थित हैं, उसी प्रकार धर्म बलपर ही प्रतिष्ठित है
Я полагаю, что сила выше даже дхармы, ибо из силы проистекает действие дхармы. Как все существа, способные двигаться, стоят на земле, так и дхарма утверждена на силе.
भीष्म उवाच