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Shloka 3

Daṇḍa-svarūpa-nirūpaṇa

The Nature, Forms, and Function of Daṇḍa

भीष्म उवाच रक्षणं सर्वभूतानामिति क्षात्रं परं मतम्‌ । तद्‌ यथा रक्षणं कुर्यात्‌ तथा शृणु महीपते,भीष्मजी बोले--भूपाल! क्षत्रियके लिये सबसे श्रेष्ठ धर्म माना गया है समस्त प्राणियोंकी रक्षा करना; परंतु यह रक्षाका कार्य कैसे किया जाय, उसको बता रहा हूँ, सुनो

Бхишма сказал: «О царь, для кшатрия высшей дхармой считается защита всех существ. Как следует совершать эту защиту — слушай, я скажу».

भीष्म उवाच