शकुनिवधः — Sahadeva’s Slaying of Śakuni
with Ulūka’s fall
परिश्रान्तश्न नकुल: सहदेवश्व भारत । योधयित्वा रणे पापान् धार्तराष्ट्रानू सहानुगान्,“भरतनन्दन! शत्रुओंके अधिकांश योद्धा मारे गये और अपने कुटुम्बी जनोंकी रक्षा हुई। उधर देखो, वे शिनिप्रवर सात्यकि संजयको कैद करके उसे साथ लिये लौटे आ रहे हैं। रणभूमिमें सेवकोंसहित धृतराष्ट्रके पापी पुत्रोंसे युद्ध करके दोनों भाई नकुल और सहदेव भी बहुत थक गये हैं
pariśrāntaś ca nakulaḥ sahadevaś ca bhārata | yodhayitvā raṇe pāpān dhārtarāṣṭrān sahānugān ||
Санджая сказал: «О Бхарата, Накула и Сахадева тоже изнемогли, сражаясь на поле брани с грешными сыновьями Дхритараштры и их сторонниками».
संजय उवाच