भीष्मपर्व — अध्याय ७२: सैन्यगुणवर्णनम्, व्यूहरक्षा, दैव-पुरुषकारचिन्ता
ततो द्रोणो महाराज अभ्यद्रवत तं रणे । रक्षमाणस्तदा भीष्मं तव पुत्रेण चोदित:,महाराज! यह देखकर द्रोणाचार्य युद्धमें आपके पुत्रके कहनेसे भीष्मकी रक्षाके लिये शिखण्डीकी ओर दौड़े
tato droṇo mahārāja abhyadravat taṃ raṇe | rakṣamāṇas tadā bhīṣmaṃ tava putreṇa coditaḥ ||
Санджая сказал: Тогда Дрона, о царь, бросился к нему в бою — по побуждению твоего сына — желая в тот миг защитить Бхишму.
संजय उवाच