Khāṇḍava-dāha: Indra’s Countermeasures and the Nāga Aśvasena’s Escape (आदि पर्व, अध्याय २१८)
अर्जुन उवाच दुहिता वसुदेवस्य वासुदेवस्य च स्वसा । रूपेण चैषा सम्पन्ना कमिवैषा न मोहयेत्,अर्जुनने कहा--यह वसुदेवजीकी पुत्री, साक्षात् आप वासुदेवकी बहिन और अनुपम रूपसे सम्पन्न है, फिर यह किसका मन न मोह लेगी
arjuna uvāca | duhitā vasudevasya vāsudevasya ca svasā | rūpeṇa caiṣā sampannā kam ivaiṣā na mohayet |
Арджуна сказал: «Она — дочь Васудевы и вместе с тем сестра Васудевы (Кришны). Наделённая несравненной красотой, чьё сердце она не смогла бы пленить?»
अर्जुन उवाच