Bhīṣma’s Counsel on Reconciliation and Partition (भीष्मोपदेशः—संधि-राज्यविभागविचारः)
यथायं विहितो धर्मो यतश्चायं सनातन: । यथा च प्राह कौन्तेयस्तथा धर्मो न संशय:,जिस प्रकार और जिस कारणसे यह सनातन धर्मके अनुकूल कहा गया है और कुन्तीनन्दन युधिष्ठिरने जिस प्रकार इसकी धर्मानुकूलताका प्रतिपादन किया है, उसपर विचार करनेसे निस्संदेह यही सिद्ध होता है कि यह विवाह धर्मसम्मत है
yathāyaṁ vihito dharmo yataścāyaṁ sanātanaḥ | yathā ca prāha kaunteyastathā dharmo na saṁśayaḥ ||
Вьяса сказал: «Так, как этот дхарма надлежащим образом установлен, и потому что он согласуется с вечным порядком, и как это обосновал сын Кунти, — так и есть: это дхарма, без сомнения».
व्यास उवाच