गङ्गाधारणम् (Gaṅgādhāraṇa) — Śiva Bears the Descent of Gaṅgā
शकुनैश्न विचित्राज्: कूजद्धिविविधा गिर: । भड़राजैस्तथा हंसैर्दात्यूहैर्जलकुक्कुटै:,भाँति-भाँतिके कलरव करते हुए विचित्र अंगोंवाले पक्षी, भृंगराज, हंस, चातक, जलमुर्ग, मोर, शतपत्र नामक पक्षी, चक्रवाक, कोकिल, चकोर, असितापांग और पुत्रप्रिय आदि इस पर्वतकी शोभा बढ़ाते हैं
Lomaśa disse: “Aves de formas singulares entoam cantos variados; há o bhṛṅgarāja, os cisnes, o chātaka e as aves d’água—todas realçando a beleza desta montanha.”
लोगश उवाच