दुर्योधनस्य बलिवर्णनम् — Duryodhana’s Description of Tribute at the Rājasūya
महिमान परं चापि पाण्डवानां महात्मनाम् | दुर्योधनो धार्तराष्ट्रो विवर्ण: समपद्यत,कुरुश्रेष्ठ! यह देखकर कि कुन्तीके पुत्रोंका मन प्रसन्न है, भूमण्डलके सब नरेश उनके वशमें हैं तथा बच्चोंसे लेकर बूढ़ोंतक सारा जगत् उनका हितैषी है, इस प्रकार महात्मा पाण्डवोंकी महिमा अत्यन्त बढ़ी हुई देखकर धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधनका रंग फीका पड़ गया
vaiśampāyana uvāca | mahimānaṁ paraṁ cāpi pāṇḍavānāṁ mahātmanām | duryodhano dhārtarāṣṭro vivarṇaḥ samapadyata, kuruśreṣṭha |
ਮਹਾਤਮਾ ਪਾਂਡਵਾਂ ਦੀ ਪਰਮ ਮਹਿਮਾ ਵੇਖ ਕੇ ਧ੍ਰਿਤਰਾਸ਼ਟਰ-ਪੁੱਤਰ ਦੁਰਯੋਧਨ ਦਾ ਚਿਹਰਾ ਫਿੱਕਾ ਪੈ ਗਿਆ।
वैशम्पायन उवाच