अभिमन्यु–अलम्बुसयुद्धम् / The Duel of Abhimanyu and Alambusa
with Arjuna’s approach to Bhīṣma
अन्योन्यं समपश्यन्त निकृत्ता मेदिनीतले । विचेष्टमाना: कृपणा: शोणितेन परिप्लुता:,तब उस मायासे डरकर आपके सभी सैनिक युद्धसे विमुख हो गये। उन्होंने एक- दूसरेको तथा द्रोण, दुर्योधन, शल्य और अश्वत्थामाको भी इस प्रकार देखा--सब-के-सब छिन्न-भिन्न हो पृथ्वीपर गिरकर छटपटा रहे हैं और खूनसे लथपथ होकर दयनीय दशाको पहुँच गये हैं। कौरवोंमें जो महान् धनुर्धर एवं प्रधान वीर हैं, प्रायः वे सभी रथी विध्वंसको प्राप्त हो गये हैं। सब राजा मार गिराये गये हैं तथा हजारों घोड़े और घुड़सवार टुकड़े-टुकड़े होकर पड़े हैं
anyonyam samapaśyanta nikṛttā medinītale | viceṣṭamānāḥ kṛpaṇāḥ śoṇitena pariplutāḥ ||
ਸੰਜਯ ਨੇ ਆਖਿਆ—ਉਹ ਇਕ-ਦੂਜੇ ਨੂੰ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਕੱਟੇ ਹੋਏ ਡਿੱਗੇ, ਕਰੁਣ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਤੜਫ਼ਦੇ ਅਤੇ ਲਹੂ ਨਾਲ ਭਿੱਜੇ ਹੋਏ ਦੇਖ ਰਹੇ ਸਨ।
संजय उवाच