यस्त्वेव पाश्वैं5स्य महा धनुष्मान् श्यामो युवा वारणयूथपोपम: । सिंहोन्नतांसो गजराजगामी पद्मायताक्षोअर्जुन एष वीर:,इनके बगलमें जो ये महान् धनुर्धर श्यामवर्णके तरुण वीर विराज रहे हैं, जो यूथपति गजराजके समान शोभा पाते हैं, जिनके कंधे सिंहके समान ऊँचे और चाल मतवाले हाथीके समान मस्तानी है, ये ही कमलदलके समान विशाल नेत्रोंवाले वीरवर अर्जुन हैं
yas tveva pārśve 'sya mahā-dhanuṣmān śyāmo yuvā vāraṇa-yūthapopamaḥ | siṁhonnatāṁso gaja-rāja-gāmī padmāyatākṣo 'rjuna eṣa vīraḥ ||
ଉତ୍ତରା କହିଲା—ଏହାଙ୍କ ପାଖରେ ଯେ ଶ୍ୟାମବର୍ଣ୍ଣ ଯୁବବୀର ଦଣ୍ଡାୟମାନ, ସେ ମହାଧନୁର୍ଧର; ହାତୀଦଳର ନାୟକ ପରି ଦୀପ୍ତ, ସିଂହ ପରି ଉନ୍ନତ କାନ୍ଧ, ଗଜରାଜ ପରି ଗତି, ଏବଂ ପଦ୍ମପତ୍ର ପରି ବିଶାଳ ନୟନ—ସେଇ ପରାକ୍ରମୀ ଅର୍ଜୁନ।
उत्तर उवाच