Ballava (Bhīma) Seeks Employment as Royal Cook in Virāṭa’s Court
बलेन रूपेण नरर्षभो महा- नपूर्वरूपेण यथामरस्तथा । महाभ्रजालैरिव संवृतो रवि- यथानलो भस्मवृतश्च वीर्यवान्,वे बड़े यशस्वी और मत्स्यराष्ट्रके अधिपति थे। राजा युधिष्ठिर भी महान् यशस्वी, कौरववंशकी मर्यादाको बढ़ानेवाले तथा महानुभाव (अत्यन्त प्रभावशाली) थे। सब राजे- महाराजे उनका सत्कार करते थे। तीखे विषवाले सर्पकी भाँति वे दुर्धर्ष थे। बल और रूपकी दृष्टिसे मनुष्योंमें सबसे श्रेष्ठ और महान् थे। अपने अपूर्व रूपके कारण वे देवताके समान जान पड़ते थे। महामेघमालाओंसे आवृत सूर्य तथा राखमें छिपी हुई अग्निके समान उनका तेजस्वी रूप वेशभूषासे आच्छादित था। वे बड़े पराक्रमी थे
balena rūpeṇa nararṣabho mahān apūrvarūpeṇa yathāmaras tathā | mahābhrajālair iva saṃvṛto ravir yathānalo bhasmavṛtaś ca vīryavān |
ବୈଶମ୍ପାୟନ କହିଲେ—ବଳ ଓ ରୂପରେ ସେ ନରଶ୍ରେଷ୍ଠ; ଅପୂର୍ବ ରୂପରେ ଦେବତା ସମ ଲାଗୁଥିଲେ। କିନ୍ତୁ ବେଶଧାରଣରେ ତାଙ୍କ ତେଜ ଏମିତି ଢାକା ଥିଲା—ଯେପରି ମହାମେଘମାଳାରେ ଆବୃତ ସୂର୍ଯ୍ୟ, କିମ୍ବା ଭସ୍ମରେ ଢାକା ଅଗ୍ନି; ତଥାପି ତାଙ୍କ ବୀର୍ୟ ଅକ୍ଷୁଣ୍ଣ ଥିଲା।
वैशम्पायन उवाच