Arjuna’s Concentrated Archery and the Rout of the Kaurava Mahārathas
Gāṇḍīva-Nirghoṣa Episode
ततो वज्ननिकाशेन फाल्गुन: प्रहसन्निव | त्रयोदशेनेन्द्रसम: कृप॑ वक्षस्यविध्यत,फिर उन महारथी अर्जुनने तीन बाणोंसे रथके तीनों वेणु, दोसे रथका धुरा और बारहवें भल्ल नामक बाणसे उनके रथकी ध्वजाको भी उस समय रणभूमिमें काट गिराया। इसके बाद इन्द्रके समान पराक्रमी फाल्गुनने हँसते हुए-से वज्जसदृश तेरहवें बाणद्वारा कृपाचार्यकी छातीमें चोट पहुँचायी
tato vajranikāśena phālgunaḥ prahasann iva | trayodaśenendrasamaḥ kṛpaṃ vakṣasy avidhyat ||
ତାପରେ ଇନ୍ଦ୍ରସମ ପରାକ୍ରମୀ ଫାଲ୍ଗୁନ (ଅର୍ଜୁନ) ହସୁଥିବା ପରି, ବଜ୍ରସଦୃଶ ତ୍ରୟୋଦଶ ବାଣରେ କୃପଙ୍କ ବକ୍ଷସ୍ଥଳକୁ ବିଦ୍ଧ କଲା।
वैशम्पायन उवाच