धृतराष्ट्रस्य संजयप्रश्नः
Dhṛtarāṣṭra’s Inquiry to Saṃjaya on Strategic Comparisons
अपन का छा है >> टल्टओं षट्षष्टितमो<5 ध्याय: संजयका धृतराष्ट्रको अर्जुनका संदेश सुनाना वैशम्पायन उवाच एवमुकक््त्वा महाप्राज्ञो धृतराष्ट्र: सुयोधनम् | पुनरेव महा भाग: संजयं पर्यपृच्छत
ବୈଶମ୍ପାୟନ କହିଲେ—ଜନମେଜୟ! ସୁୟୋଧନଙ୍କୁ ଏପରି କହି ପରମ ପ୍ରାଜ୍ଞ ମହାଭାଗ ଧୃତରାଷ୍ଟ୍ର ପୁନର୍ବାର ସଞ୍ଜୟଙ୍କୁ ପ୍ରଶ୍ନ କଲେ।
वैशम्पायन उवाच