Chapter 10: Survivors Console the Royal Couple and Disperse (धृतराष्ट्र–गान्धारी प्रति निवेदनम्)
प्रगृह्म बाहून् क्रोशन्त्यः पुत्रान् भ्रातृन् पितृनपि । दर्शयन्तीव ता ह सम युगान्ते लोकसंक्षयम्,एक-दूसरीके हाथ पकड़कर पुत्रों, भाइयों और पिताओंके नाम ले-लेकर रोती हुई वे कुरुकुलकी नारियाँ प्रलयकालमें लोक-संहारका दृश्य दिखाती हुई-सी जान पड़ती थीं
ସେମାନେ ପରସ୍ପରର ବାହୁ ଧରି, ପୁଅ, ଭାଇ ଓ ପିତାଙ୍କ ନାମ ଡାକିଡାକି କାନ୍ଦୁଥିଲେ—ମନେ ହେଉଥିଲା ଯେନେ ଯୁଗାନ୍ତରେ ଲୋକସଂକ୍ଷୟର ଦୃଶ୍ୟ ଦେଖାଉଛନ୍ତି।
वैशम्पायन उवाच