दानपात्रापात्र-निर्णयः / Determining Worthy Gifts, Recipients, and Permissible Food
एतैश्वान्यैश्वन बहुभिरनुनीतो युधिष्ठिर: । व्यजहान्मानसं दु:ःखं संतापं च महायशा:,पुरुषसिंह! साक्षात् भगवान् श्रीकृष्ण, द्वैपायन व्यास, देवस्थान, अर्जुन तथा अन्य बहुत-से लोगोंके समझाने-बुझाने पर महायशस्वी युधिष्ठिरने मानसिक दुःख और संतापको त्याग दिया
ନରଶ୍ରେଷ୍ଠ! ଏମାନେ ଓ ଅନ୍ୟ ଅନେକଙ୍କ ଉପଦେଶରେ ମହାଯଶସ୍ବୀ ଯୁଧିଷ୍ଠିର ମାନସିକ ଦୁଃଖ ଓ ସନ୍ତାପକୁ ତ୍ୟାଗ କଲେ।
वैशम्पायन उवाच