कपिलगोसंवादे गृहस्थ-त्यागधर्मयोः प्रमाण्यविचारः
Kapila–Cow Dialogue: Authority of Householder and Renunciant Dharmas
युधिछिर उवाच कि कृतं दुष्करं तात कर्म जाजलिना पुरा | येन सिद्धि परां प्राप्तस्तन्मे व्याख्यातुमहसि
ଯୁଧିଷ୍ଠିର କହିଲେ—ତାତ, ପୂର୍ବକାଳରେ ଜାଜଲି କେଉଁ ଦୁଷ୍କର କର୍ମ କରିଥିଲେ, ଯାହାଦ୍ୱାରା ସେ ପରମ ସିଦ୍ଧି ପ୍ରାପ୍ତ କଲେ? ଦୟାକରି ତାହା ମୋତେ ବିସ୍ତାରରେ ବ୍ୟାଖ୍ୟା କର।
युधिछिर उवाच