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Shloka 12

कपिलगोसंवादे गृहस्थ-त्यागधर्मयोः प्रमाण्यविचारः

Kapila–Cow Dialogue: Authority of Householder and Renunciant Dharmas

युधिछिर उवाच कि कृतं दुष्करं तात कर्म जाजलिना पुरा | येन सिद्धि परां प्राप्तस्तन्मे व्याख्यातुमहसि

ଯୁଧିଷ୍ଠିର କହିଲେ—ତାତ, ପୂର୍ବକାଳରେ ଜାଜଲି କେଉଁ ଦୁଷ୍କର କର୍ମ କରିଥିଲେ, ଯାହାଦ୍ୱାରା ସେ ପରମ ସିଦ୍ଧି ପ୍ରାପ୍ତ କଲେ? ଦୟାକରି ତାହା ମୋତେ ବିସ୍ତାରରେ ବ୍ୟାଖ୍ୟା କର।

युधिछिर उवाच