दिष्ट्या च वो5हं पश्यामि मुक्तानस्माज्जनक्षयात् | स्वस्तियुक्तांश्व कल्यांश्व॒ तन्मे प्रियमनुत्तमम्,'सौभाग्यकी बात है कि मैं आपलोगोंको इस नरसंहारसे मुक्त देख रहा हूँ। साथ ही आपलोग सकुशल एवं कुछ करनेमें समर्थ हैं--यह मेरे लिये और भी उत्तम एवं प्रसन्नताकी बात है
ଏହା ମଧ୍ୟ ସୌଭାଗ୍ୟ ଯେ ଏହି ଜନକ୍ଷୟରୁ ମୁକ୍ତ ହୋଇଥିବା ଆପଣମାନଙ୍କୁ ମୁଁ ଦେଖୁଛି। ଆପଣମାନେ ସକୁଶଳ ଓ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ଷମ—ଏହା ମୋ ପାଇଁ ସର୍ବୋତ୍ତମ ଓ ଅତ୍ୟନ୍ତ ପ୍ରିୟ।
संजय उवाच