द्वैपायनह्रदे दुर्योधनान्वेषणम् / The Search for Duryodhana at Dvaipāyana Lake
विदुर: सर्वधर्मज्ञो विक््लवेनान्तरात्मना | विवेश नगरे राजन् नि:शश्वास शनै: शनै:,राजन! सम्पूर्ण धर्मोके ज्ञाता विदुरजीने व्याकुल अन्त:ःकरणसे नगरमें प्रवेश किया और धीरे-धीरे वे लंबी साँस खींचने लगे
viduraḥ sarvadharmajño viklavena antarātmanā | viveśa nagare rājan niḥśaśvāsa śanaiḥ śanaiḥ ||
ସଞ୍ଜୟ କହିଲେ—ହେ ରାଜନ! ସର୍ବଧର୍ମଜ୍ଞ ବିଦୁର ବ୍ୟାକୁଳ ଅନ୍ତରାତ୍ମା ସହ ନଗରରେ ପ୍ରବେଶ କଲେ ଏବଂ ଧୀରେ ଧୀରେ ପୁନଃପୁନଃ ଦୀର୍ଘ ନିଶ୍ୱାସ ଛାଡ଼ିଲେ।
संजय उवाच